Ajmer Crime News: गाली-गलौज के बाद सरियों से हमला: रहीस उर्फ़ कानपुरिया की आंत में हुआ छेद
जिला एवं सत्र न्यायधीश अजमेर विक्रांत गुप्ता ने दिनांक 26 जनवरी 2023 को रहीस उर्फ़ कानपुरिया के द्वारा गाली गलोज करने पर उसके ऊपर प्राणघातक हमला करने के आरोपी मोबिन सैफ, उस्मान उर्फ़ बबलू व मोहम्मद अज़हरुद्दीन उर्फ़ अज़हर को प्राणघातक हमला करने के लिए दोषसिद्ध करने का निर्णय पारित किया गया ।

लोक अभियोजक जे पी शर्मा ने बताया कि दिनांक 26-1-23 को मुस्तगीस रहीस उर्फ़ कानपुरिया निवासी कानपुर मुल्जिमान के साथ गाली गलौज करने लगा जिस पर आवेश में आकर अभियुक्तगण उस्मान उर्फ़ बबलू, मोबिन सैफ व अज़हरुद्दीन उर्फ़ अज़हर ने सरिये- लाठी से प्राणघातक हमल कर दिया जिससे उसकी आँत में छेद हो गया, जिसका जवाहर लाल नेहरु अस्पताल में आंतों का आपरेशन हुआ और आहत 12 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहकर इलाजरत रहा ।
उक्त घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना गंज, अजमेर में हुई एवं बाद अनुसंधान तीनों अभियुक्तों के विरुद धारा 307, 323, 325, 341, 34 भारतीय दंड संहिता के अपराध मे। आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया । दौराने विचारण अभियोजन की ओर से प्रकरण में न्यायालय के समक्ष 10 गवाह मौखिक साक्ष्य के रूप में परिक्षित करवाये व 28 दस्तावेज प्रस्तुत कर प्रदर्शित करवाए । लोक अभियोजक जे पी शर्मा का अभियोजन की ओर से अभियुक्तों को दोषी करार दिए जाने हेतु प्रमुख तर्क यह रहा कि आहत की साक्ष्य की ताईद मेडिकल रिपोर्ट व आपरेशन के दस्तावेज़ों से होती है एंव अभियुक्त से बरामदगी भी संदेह से परे प्रमाणित हुई है ।
न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए अभियुक्त मोबिन सैफ को 307, 325, 323, 341 भादस के अपराध में दोषी करार दिया जाकर धारा 307 भादस के लिए 3 वर्ष के कठोर कारावास व 30 हज़ार रुपए अर्थदंड से, धारा 325 भादस के लिये 2 वर्ष के साधारण कारावास व 10 हज़ार रुपये अर्थदंड से व धारा 323, 341 भादस के प्रत्येक के लिए 1-1 मास के साधारण कारावास व 500 रूपए अर्थदंड से, अभियुक्तगण उस्मान उर्फ़ बबलू को धारा 307/34 भादस के लिए 3 वर्ष के कठोर कारावास वह धारा 325/34 भादस के लिए 2 वर्ष का साधारण कारावास व 10 हज़ार रुपये अर्थदंड व धारा 323, 341 भादस के लिए प्रत्येक के लिए एक माह का साधारण कारावास व 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किए जाने के आदेश पारित किए गए एवं बाद गुज़रने मियाद जमा अर्थदंड में से 80 हज़ार रुपए की बतौर क्षतिपूर्ति आहत को देने के आदेश पारित किये ।

