Ajit Pawar Plane Crash : ब्लैक बॉक्स मिला, फ्लाइट डेटा और वॉयस रिकॉर्डर से हादसे की जांच
Ajit Pawar Plane Crash : महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार के लेयरजेट 45 प्लेन का ब्लैक बॉक्स बरामद। इसमें फ्लाइट डेटा और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर शामिल हैं। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए AAIB और DGCA जांच करेंगे। पढ़ें ब्लैक बॉक्स से जुड़ी अहम जानकारी और इतिहासिक उदाहरण।
Ajit Pawar Plane Crash : अजित पवार के प्लेन का ब्लैक बॉक्स बरामद
महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार जिस लेयरजेट चार्टर प्लेन में सवार थे, उसका ब्लैक बॉक्स हादसे के एक दिन बाद गुरुवार को बरामद कर लिया गया है। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री (MoCA) ने इसकी पुष्टि की।
ब्लैक बॉक्स में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) शामिल हैं। इसकी जांच के बाद ही हादसे के कारणों का पता चल सकेगा।
AAIB और DGCA की जांच टीमें घटनास्थल पर

सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के अनुसार, दिल्ली स्थित एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और मुंबई स्थित DGCA की टीमें घटनास्थल पर गई थीं। जांच में प्लेन के तकनीकी दोष, पायलट की कार्रवाई और अन्य कारकों का विश्लेषण किया जाएगा।
क्रैश की समयरेखा
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विमान: VSR वेंचर्स कंपनी की लेयरजेट 45
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रवाना: सुबह 8:10 बजे, मुंबई से
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क्रैश: लगभग 8:45 बजे, बारामती एयरपोर्ट पर
हादसे में कुल 5 लोगों की मौत हुई:
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अजित पवार, डिप्टी CM
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पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर
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एक अटेंडेंट
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पायलट-इन-कमांड सुमित कपूर
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फर्स्ट ऑफिसर शम्भावी पाठक
अजित पवार अपने होमटाउन बारामती में चार चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले थे।
ब्लैक बॉक्स से जुड़े 6 जरूरी सवाल-जवाब
1. इसे ब्लैक बॉक्स क्यों कहते हैं?
ब्लैक बॉक्स का नाम दो कारणों से पड़ा:
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पहले इसके अंदर का हिस्सा काला होता था।
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हादसे के बाद आग से जलकर इसका रंग काला हो जाता है।
2. ब्लैक बॉक्स दिखता कैसा है?
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असल में यह ओरेंज रंग का होता है।
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आकार अलग-अलग हो सकता है: गोल, बेलनाकार या गुंबद जैसा।
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डिजाइन ऐसा कि प्लेन मलबे में आसानी से मिल सके।
3. ब्लैक बॉक्स को हादसे के बाद कैसे खोजते हैं?
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पानी में हादसा: अंडरवाटर बीकन सक्रिय हो जाता है और सिग्नल भेजता है।
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जमीन पर हादसा: चमकीला नारंगी रंग ढूंढने में मदद करता है।
4. डेटा कैसे सुरक्षित रहता है?
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ब्लैक बॉक्स को विमान के टेल सेक्शन में रखा जाता है।
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यह टाइटेनियम/स्टेनलेस स्टील से बना होता है।
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1100°C तापमान और समुद्र की गहराई में दबाव झेल सकता है।
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पानी में 14,000 फीट तक सिग्नल भेज सकता है।
5. ब्लैक बॉक्स मिलने में समय लग सकता है
कुछ हादसों में ब्लैक बॉक्स खोजने में लंबा समय लग सकता है:
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श्रीविजया एयर जेट (9 जनवरी 2021): 3 दिन में मिला
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एयर फ्रांस 447 (1 जून 2009): 699 दिन बाद मिला
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मलेशिया एयरलाइंस 370 (8 मार्च 2014): अभी तक नहीं मिला
6. भारत में जांच कहां होती है?
दिल्ली में DFDR & CVR लैब है, जहां डेटा निकाला और एनालिसिस किया जाता है। इसी लैब में अजित पवार के प्लेन का ब्लैक बॉक्स जांचा जाएगा।
हादसे से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण खबरें
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महिला कैप्टन के आखिरी शब्द थे: “ओह शिट… ओह शिट।” पायलट ने मेडे कॉल नहीं किया।
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केबिन क्रू पिंकी ने पिता को आखिरी कॉल किया: “पापा अजित पवार के साथ फ्लाइट है।”
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अजित पवार की मां हादसे के समय टीवी देख रही थीं। मौत की खबर न मिलने के लिए स्टाफ ने टीवी केबल काट दिया और मोबाइल फ्लाइट मोड में डाला।
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शरद पवार: “अजित की मौत दुर्घटना, राजनीति ना करें।”
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ममता बनर्जी: “वे शरद की NCP में वापसी करने वाले थे, न्यायिक जांच हो।”
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2023 में भी VSR वेंचर्स के लेयरजेट–45 प्लेन का क्रैश हुआ था, मुंबई रनवे पर दो टुकड़े हुए थे।

