Air India Penalty : एअर इंडिया पर ₹1 करोड़ जुर्माना, बिना फिटनेस सर्टिफिकेट 8 उड़ानें संचालित
Air India Penalty : DGCA ने एअर इंडिया पर 1.10 लाख डॉलर (करीब 1 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया। एयरबस A320 नियो विमान को बिना एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट के 8 व्यावसायिक उड़ानों में संचालित किया गया था। जांच पूरी होने के बाद नियामक ने सख्त कार्रवाई की।
Air India Penalty : DGCA की सख्त कार्रवाई, एअर इंडिया पर जुर्माना
भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने Air India पर 1.10 लाख डॉलर (करीब 1 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई एक एयरबस विमान को बिना ‘एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट’ के उड़ाने के मामले में की गई है।
DGCA के गोपनीय आदेश के अनुसार, एयरलाइन ने एक विमान को फिटनेस सर्टिफिकेट समाप्त होने के बावजूद 8 बार व्यावसायिक उड़ानों में इस्तेमाल किया। नियामक ने इसे गंभीर सुरक्षा उल्लंघन माना है।
एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट एक्सपायर होने के बावजूद उड़ान

समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, यह मामला 26 नवंबर 2025 का है, जब एयर इंडिया ने स्वयं DGCA को इस चूक की जानकारी दी थी।
कंपनी ने बताया कि उसके Airbus A320neo विमान का एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद 24 और 25 नवंबर को विमान को 8 रेवेन्यू सेक्टर्स (व्यावसायिक उड़ानों) में संचालित किया गया।
इसके बाद 2 दिसंबर को DGCA ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की। जांच पूरी होने के बाद अब एयरलाइन पर आर्थिक दंड लगाया गया है।
DGCA ने भरोसे पर जताई चिंता
नियामक ने अपने आदेश में कहा कि इस तरह की चूक से देश की प्रमुख एयरलाइनों में से एक पर जनता का भरोसा कमजोर होता है।
एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट यह सुनिश्चित करता है कि विमान उड़ान के लिए तकनीकी रूप से सुरक्षित और मानकों के अनुरूप है। इसके बिना विमान का संचालन सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन माना जाता है।
एअर इंडिया की सफाई
जुर्माने की खबर सामने आने के बाद एयर इंडिया ने आधिकारिक बयान जारी किया। कंपनी ने कहा कि यह घटना 2025 की है और इसकी जानकारी उन्होंने स्वयं नियामक को दी थी।
एयरलाइन के अनुसार, आंतरिक जांच में जो भी कमियां सामने आईं, उन्हें पूरी तरह दूर कर लिया गया है। सुधारात्मक कदमों की रिपोर्ट DGCA को सौंप दी गई है।
कंपनी ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस तरह की चूक दोबारा न हो, इसके लिए निगरानी और अनुपालन प्रणाली को मजबूत किया गया है।
टाटा ग्रुप के अधिग्रहण के बाद भी चुनौतियां
जब से Tata Group ने एयर इंडिया का अधिग्रहण किया है, तब से एयरलाइन अपनी सेवा गुणवत्ता और परिचालन मानकों को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
हालांकि, पिछले कुछ समय में पायलट ट्रेनिंग, क्रू मेंबर्स के व्यवहार और तकनीकी खामियों से जुड़े मामलों में भी DGCA द्वारा जुर्माना लगाया जा चुका है।
नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर नियामक अब पहले से ज्यादा सख्त रुख अपना रहा है।
अहमदाबाद विमान हादसे की पृष्ठभूमि
पिछले वर्ष 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी। इस हादसे में 270 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि केवल एक यात्री जीवित बच पाया था।
इस घटना के बाद देश में विमानन सुरक्षा को लेकर व्यापक बहस छिड़ी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है।
एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट क्या होता है?
एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) एक आधिकारिक दस्तावेज होता है, जो यह प्रमाणित करता है कि विमान उड़ान के लिए तकनीकी रूप से फिट है।
यह प्रमाणपत्र नियमित निरीक्षण और मेंटेनेंस के बाद जारी किया जाता है। यदि यह सर्टिफिकेट समाप्त हो जाता है, तो विमान का संचालन नियमों के विरुद्ध होता है।
DGCA का यह कदम विमानन क्षेत्र में अनुपालन और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में एक सख्त संदेश माना जा रहा है।
निष्कर्ष
एअर इंडिया पर लगाया गया जुर्माना यह संकेत देता है कि नियामक सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह के समझौते को स्वीकार नहीं करेगा।
निवेशकों और यात्रियों दोनों के लिए यह जरूरी है कि एयरलाइनें पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करें। विमानन क्षेत्र में भरोसा बनाए रखने के लिए सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

