Raipur Updates : AI समिट विवाद पर रायपुर में भाजयुमो प्रदर्शन, राहुल गांधी का पुतला दहन
Raipur Updates : दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस के विरोध के बाद रायपुर में भाजयुमो का प्रदर्शन। राहुल गांधी का पुतला फूंका गया और राजीव भवन घेराव की घोषणा। एआई समिट विवाद पर प्रदेश की राजनीति गरमाई।
Raipur Updates : AI समिट विवाद पर रायपुर में भाजयुमो का प्रदर्शन, राहुल गांधी का पुतला दहन; राजीव भवन घेराव आज
दिल्ली में क्या हुआ?

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर टी-शर्ट उतारकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि यह विरोध अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को लेकर था।
प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए समिट स्थल के बाहर माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि कार्यक्रम अंदर जारी रहा, लेकिन राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तुरंत शुरू हो गईं।
रायपुर में भाजयुमो का जवाबी प्रदर्शन

दिल्ली की घटना के विरोध में रायपुर के टर्निंग पॉइंट चौक पर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पुतला दहन भी किया गया।
भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने आरोप लगाया कि एआई जैसे वैश्विक मंच पर इस प्रकार का प्रदर्शन देश की छवि को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि विरोध दर्ज कराने के लोकतांत्रिक तरीके होते हैं, लेकिन इस तरह का “अर्धनग्न प्रदर्शन” अनुचित है।
राजीव भवन घेराव की चेतावनी
भाजयुमो ने स्पष्ट किया कि यह विरोध यहीं समाप्त नहीं होगा। संगठन ने शनिवार दोपहर 3 बजे कांग्रेस प्रदेश कार्यालय राजीव भवन के घेराव की घोषणा की है। इसे लेकर पुलिस प्रशासन भी सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एआई समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान हुए प्रदर्शन ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बयानबाजी को तेज कर दिया है। एक ओर कांग्रेस इसे अपनी राजनीतिक असहमति का हिस्सा बता रही है, वहीं भाजपा और उसके सहयोगी संगठन इसे देश की छवि से जोड़कर देख रहे हैं।
AI समिट और सियासी असर
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में देश-विदेश के तकनीकी विशेषज्ञ, उद्योगपति और नीति-निर्माता शामिल हुए। ऐसे मंच पर हुए विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक दलों को आमने-सामने ला दिया है।
अब निगाहें शनिवार को होने वाले राजीव भवन घेराव पर टिकी हैं, जहां प्रदर्शन के और उग्र होने की आशंका जताई जा रही है।

