Agra Updates : आगरा में महिलाएं घूंघट में ठेके में घुसीं, शराब की बोतलें तोड़कर विरोध जताया
Agra Updates : आगरा में घूंघट में महिलाएं शराब ठेके में घुसकर बोतलें तोड़ीं। पुलिस मौके पर पहुंची। महिलाओं का कहना है कि ठेके के कारण घरेलू झगड़े, गाली-गलौज और सार्वजनिक असुविधा बढ़ रही थी। उन्होंने बोतलों को तोड़कर विरोध जताया। ठेके को 5 लाख रुपए का नुकसान हुआ।
Agra : महिलाओं ने घूंघट में शराब की बोतलें तोड़ीं
आगरा जिले के ग्राम पंचायत विरहरु में शुक्रवार दोपहर एक अनोखी घटना सामने आई। स्थानीय महिलाओं ने शराब के ठेके में घुसकर बोतलें तोड़ दीं। यह घटना थाना सैंया क्षेत्र की है। महिलाओं के साथ छोटे बच्चे भी मौजूद थे।
महिलाएं घूंघट में थीं, ताकि उनकी पहचान छिपी रहे। उन्होंने ठेके के अंदर रखी शराब की पेटियों को बाहर फेंककर लाठी-डंडों से तोड़ना शुरू किया। लगभग आधे घंटे तक महिलाओं ने बोतलों को तोड़ा, जिससे ठेके का सामान पूरी तरह नष्ट हो गया।
Agra : पुलिस और प्रशासन ने किया स्थिति नियंत्रण

घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बावजूद स्थिति शांत नहीं हो सकी। ठेकेदार ने आबकारी विभाग और सैंया पुलिस को सूचना दी।
डीसीपी वेस्ट अतुल शर्मा भी मौके पर पहुंचे और महिलाओं व ठेके के मालिक के बीच बातचीत कराई। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बाद माहौल शांत हुआ।
महिलाओं का कहना: घरेलू जीवन और सार्वजनिक असुविधा
महिलाओं का कहना था कि ठेके के पास शराब पीने वाले लोग गाली-गलौज करते हैं और आने-जाने वाली महिलाओं और लड़कियों पर फब्तियां कसते हैं।
उनके अनुसार:
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उनके पति सुबह से ही ठेके पर शराब पीने जाते हैं।
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शराब पीने के बाद झगड़े होते हैं।
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बच्चों और परिवार में तनाव बढ़ता है।
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रोजमर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हो रही थी।
इसलिए महिलाओं ने यह क़दम उठाया और बोतलों को तोड़कर सार्वजनिक विरोध जताया।
Agra : घटना का विवरण

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि महिलाएं लाठी-डंडे लेकर ठेके में घुसीं। उन्होंने बोतलों को सड़कों पर फेंक कर लाठियों से तोड़ा।
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करीब 30–40 महिलाएं इस घटना में शामिल थीं।
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घटनास्थल पर लोग जमा हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
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महिलाओं ने बोतलों को तोड़कर सभी के सामने विरोध जताया।
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आसपास के लोग उन्हें रोकने का प्रयास भी कर रहे थे, लेकिन वे नहीं रुकीं।
ठेके को हुआ भारी नुकसान
ठेका संचालक शिवा चाहर ने बताया कि ठेके को लगभग ₹5 लाख का नुकसान हुआ।
घटना के कारण:
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बोतलों और पेटियों की पूर्ण नष्टता
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दुकानदार की संभावित आय में हानि
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ठेके के आसपास तनावपूर्ण माहौल
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति नियंत्रण के लिए पुलिस फोर्स बढ़ा दी।
सामाजिक और स्थानीय संदर्भ
इस घटना का मुख्य कारण सामाजिक असुविधा और घरेलू झगड़े हैं।
महिलाओं का कहना है:
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शराब के ठेके के कारण घरों में झगड़ा बढ़ गया।
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पुरुष सुबह से ही ठेके पर शराब पीने जाते हैं।
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महिलाओं और बच्चों को रोजमर्रा की जिंदगी में मुश्किल होती है।
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समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर असर पड़ा।
इस विरोध के पीछे महिलाओं की सुरक्षा और परिवार के लिए चिंता मुख्य वजह रही।
महिलाओं का संदेश
महिलाओं ने स्पष्ट किया कि उनका यह विरोध केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामुदायिक हित में किया गया। उन्होंने कहा:
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शराब ठेके से गांव का माहौल खराब हो रहा है।
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रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
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बच्चों और युवाओं के लिए यह खतरा बन सकता है।
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प्रशासन से उम्मीद है कि ऐसे ठेकों की निगरानी बढ़ाई जाए।
प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया
डीसीपी अतुल शर्मा ने स्थिति को शांत कराते हुए महिलाओं और ठेके के मालिक के बीच समझौता करवा दिया।
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पुलिस ने मौके पर बढ़-चढ़कर मौजूदगी दिखाई।
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महिलाओं और ठेके मालिक के बीच बातचीत कर आगरा ग्रामीण क्षेत्र में शांति स्थापित की।
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आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और निगरानी बढ़ाने की योजना बनाई गई।
घटना का व्यापक असर
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गांव में सुरक्षा और शांति पर असर: महिलाओं की यह कार्रवाई सामाजिक और प्रशासनिक ध्यान खींचने वाला मामला बनी।
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स्थानीय प्रशासन की सक्रियता: पुलिस और डीसीपी की त्वरित प्रतिक्रिया से हालात काबू में आए।
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स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया: ग्रामीणों में इस घटना को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया रही। कुछ लोगों ने महिलाओं के साहस की सराहना की, वहीं कुछ ने तोड़फोड़ की निंदा की।
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ठेके पर आर्थिक असर: ₹5 लाख का नुकसान और व्यवसायिक अस्थिरता।
निष्कर्ष
आगरा की यह घटना केवल शराब के ठेके तक सीमित नहीं है। यह ग्रामीण महिलाओं की सामाजिक जागरूकता, सुरक्षा की चिंता और घरेलू तनाव के खिलाफ संघर्ष को दर्शाती है।
महिलाओं ने अपनी पहचान छुपाते हुए घूंघट पहनकर विरोध जताया। इस कार्रवाई ने प्रशासन, ठेके और समाज का ध्यान खींचा।
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए तुरंत कार्रवाई की। यह घटना ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की सक्रिय भूमिका और सामाजिक समस्याओं के खिलाफ उनके साहस का प्रतीक बन गई है।

