Border Clash : सीजफायर खत्म होते ही अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर फिर संघर्ष
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Border Clash : ईद पर हुए 5 दिन के सीजफायर खत्म होते ही अफगानिस्तान और पाकिस्तान सीमा पर फिर हिंसा भड़क गई। दोनों देशों की गोलीबारी में 3 लोगों की मौत और कई घायल हुए हैं। अफगान बलों ने 3 पाकिस्तानी चौकियां नष्ट करने का दावा किया है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
Border Clash : अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर फिर हिंसा, सीजफायर खत्म होते ही 3 लोगों की मौत
दक्षिण एशिया में सुरक्षा हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर बुधवार को फिर से हिंसक झड़प शुरू हो गई।
अफगान अधिकारियों के मुताबिक, इस गोलीबारी में कम से कम दो आम नागरिकों की मौत हो गई और आठ लोग घायल हुए हैं। वहीं पाकिस्तान में भी एक नागरिक के मारे जाने की खबर सामने आई है।
यह संघर्ष ईद के मौके पर घोषित 5 दिन के अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) के खत्म होने के तुरंत बाद शुरू हुआ, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया है।
ईद पर हुआ 5 दिन का सीजफायर खत्म, फिर शुरू हुई गोलीबारी
दोनों देशों ने ईद के अवसर पर आपसी सहमति से 5 दिनों का युद्धविराम लागू किया था। यह सीजफायर 25 मार्च को समाप्त हो गया, जिसके बाद सीमा पर फिर से गोलीबारी शुरू हो गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सीजफायर खत्म होते ही पाकिस्तानी सेना ने सीमावर्ती इलाकों में भारी गोलाबारी की। इसके जवाब में अफगान सीमा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की और पाकिस्तानी सैन्य चौकियों को निशाना बनाया।
अफगान अधिकारियों का दावा है कि इस जवाबी कार्रवाई में तीन पाकिस्तानी सैन्य चौकियां नष्ट कर दी गईं और एक व्यक्ति मारा गया।
पहले के हमलों में 400 लोगों की मौत का दावा
यह ताजा झड़प उस समझौते के करीब एक सप्ताह बाद हुई है, जिसमें दोनों देशों ने लड़ाई रोकने पर सहमति जताई थी।
इससे पहले 17 मार्च की रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में हवाई हमले किए थे। अफगान तालिबान सरकार का दावा है कि इन हमलों में राजधानी काबुल के एक नशा मुक्ति अस्पताल को निशाना बनाया गया, जिसमें 400 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
हालांकि पाकिस्तान ने नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार किया है और कहा है कि उसने केवल एक गोला-बारूद के भंडार को लक्ष्य बनाया था।
संयुक्त राष्ट्र और मीडिया रिपोर्ट्स में भी अस्पताल पर हमले की बात सामने आई, लेकिन पाकिस्तानी सेना ने किसी नागरिक के मारे जाने की पुष्टि नहीं की है।
TTP ने भी तोड़ा सीजफायर, पाकिस्तान में फिर शुरू किए हमले

इधर, पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन Tehrik-i-Taliban Pakistan (TTP) ने भी अपना 3 दिन का युद्धविराम खत्म होने के बाद हमले फिर से शुरू करने की घोषणा कर दी है।
TTP, अफगान तालिबान से अलग संगठन है, लेकिन दोनों के बीच गहरा संबंध माना जाता है।
2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद से TTP ने पाकिस्तान में अपने हमलों की संख्या बढ़ा दी है। अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने इस संगठन को आतंकवादी घोषित कर रखा है।
पाकिस्तान का आरोप: अफगानिस्तान दे रहा आतंकियों को पनाह
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार TTP के नेताओं और हजारों लड़ाकों को अपने देश में पनाह दे रही है, जो सीमा पार से पाकिस्तान पर हमले करते हैं।
हालांकि अफगानिस्तान इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है।
पाकिस्तान ने स्पष्ट कहा है कि जब तक अफगान सरकार यह भरोसा नहीं देती कि उसकी जमीन का इस्तेमाल आतंकी हमलों के लिए नहीं होगा, तब तक वह TTP और उसके समर्थकों को निशाना बनाता रहेगा।
पाकिस्तान ने भारत पर भी लगाए आरोप

पाकिस्तान लंबे समय से यह दावा करता रहा है कि उसके देश में बढ़ते आतंकी हमलों के पीछे बाहरी ताकतों का हाथ है।
पाकिस्तान ने कई बार भारत पर भी ऐसे संगठनों को समर्थन देने का आरोप लगाया है।
हालांकि भारत और अफगानिस्तान दोनों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है और कहा है कि पाकिस्तान में होने वाले हमले उसका आंतरिक मामला हैं।
इसके बावजूद पाकिस्तान में गुस्सा बढ़ता गया है और अक्सर किसी हमले के तुरंत बाद उसका आरोप पड़ोसी देशों पर लगाया जाता है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष की शुरुआत कैसे हुई
दोनों देशों के बीच मौजूदा संघर्ष की शुरुआत 22 फरवरी को हुई थी, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी।
पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि इन हमलों में TTP के ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए कम से कम 70 लड़ाके मारे गए थे।
इसके जवाब में 27 फरवरी को अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर हमला किया और चेतावनी दी कि देश की संप्रभुता का उल्लंघन होने पर कड़ा जवाब दिया जाएगा।
पाकिस्तान और TTP के बीच लड़ाई की मुख्य वजह
1. अमेरिका के साथ पाकिस्तान का गठबंधन
2001 में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का समर्थन किया। इससे TTP नाराज हो गया और उसने पाकिस्तान के खिलाफ हिंसक अभियान शुरू कर दिया।
2. विचारधारात्मक मतभेद
TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार उसकी धार्मिक विचारधारा के अनुरूप नहीं है, इसलिए वह सरकार के खिलाफ संघर्ष करता है।
3. अफगान तालिबान से संबंध
TTP और अफगान तालिबान के बीच गहरे संबंध माने जाते हैं। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देने का आरोप झेलते रहे हैं।
क्षेत्र में जंग जैसे हालात, शांति की संभावना कम
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लगातार बढ़ती हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को गंभीर बना दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी और सीमा सुरक्षा को लेकर विवाद जारी रहेगा, तब तक स्थायी शांति की संभावना कम ही रहेगी।
सीमा पर जारी यह तनाव न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता और सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
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