राजस्थान में सीजन की पहली मावठ, जयपुर चित्तौड़गढ़ बारिश, शीतलहर कोहरा अलर्ट आज कई जिलों चेतावनी
राजस्थान में नए साल की शुरुआत मावठ की बारिश से हुई। जयपुर, चित्तौड़गढ़ सहित कई जिलों में बरसात दर्ज की गई। मौसम विभाग ने शीतलहर और घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। तापमान में गिरावट से ठंड बढ़ी, रबी फसलों को लाभ मिला।
राजस्थान में मौसम का बदला मिजाज: नए साल की शुरुआत बारिश और ठंड के साथ
राजस्थान में नए साल की शुरुआत इस बार ठंड और बारिश के संग हुई है। प्रदेश के कई हिस्सों में सीजन की पहली मावठ दर्ज की गई, जिससे जहां एक ओर सर्दी बढ़ गई, वहीं दूसरी ओर किसानों के चेहरे पर राहत की मुस्कान भी दिखी। मौसम विभाग के अनुसार आज राज्य के 8 से अधिक जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही शीतलहर और घने कोहरे को लेकर भी चेतावनी दी गई है।
जयपुर में सीजन की पहली मावठ, सुबह से बदला मौसम
राजधानी जयपुर में साल के पहले दिन मौसम ने अचानक करवट ली। गुरुवार सुबह करीब 5 बजे से शहर के कई इलाकों में रुक-रुककर हल्की बारिश शुरू हुई। दुर्गापुरा, गोपालपुरा, मालवीय नगर, मानसरोवर और आसपास के क्षेत्रों में मावठ की फुहारें देखने को मिलीं। बादलों की घनी चादर के कारण धूप पूरी तरह गायब रही, जिससे ठंड का असर और ज्यादा महसूस किया गया।
जयपुर के कई हिस्सों में सुबह से घना कोहरा भी छाया रहा। दृश्यता कम होने से सड़कों पर वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राजधानी समेत आसपास के जिलों में यह बदलाव आया है।
चित्तौड़गढ़ में तेज बारिश, आधे घंटे तक बरसे बादल
चित्तौड़गढ़ में भी नए साल की शुरुआत बारिश के साथ हुई। यहां सुबह करीब 5 बजे शहरी इलाकों में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश दर्ज की गई। अचानक हुई इस बरसात से तापमान में तेजी से गिरावट आई और सर्द हवाएं चलने लगीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह-सुबह बारिश होने से जनजीवन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है।
पश्चिमी राजस्थान में तेज हवाओं के साथ बारिश
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, फलोदी, बाड़मेर और बीकानेर जिलों में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ नजर आया। इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। आसमान में बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने से दिन के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार इन इलाकों में सामान्य से अधिक ठंड महसूस की जा रही है, क्योंकि धूप निकलने का मौका नहीं मिला। बाड़मेर और जैसलमेर जैसे रेगिस्तानी जिलों में भी अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ठंडा दिन माना जा रहा है।
पूर्वी राजस्थान में घना कोहरा, दिनभर बनी रही ठंड
पूर्वी राजस्थान के भरतपुर और अलवर संभाग में सुबह घना कोहरा छाया रहा, जो कई स्थानों पर दोपहर तक बना रहा। कोहरे की वजह से विजिबिलिटी बेहद कम रही और हाईवे पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार थमी नजर आई। इन इलाकों में धूप कमजोर रही, जिसके चलते दिन में भी ठंड का असर बना रहा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के अलावा अब दिन में भी अलाव और गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटों तक कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है।
शीतलहर का अलर्ट, तापमान में लगातार गिरावट
मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। बारिश और बादलों के चलते दिन और रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। राजधानी जयपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से काफी कम है।
बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर जैसे जिलों में भी दिन का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। ठंडी हवाओं के कारण सर्दी का असर और ज्यादा महसूस किया जा रहा है, खासकर सुबह और रात के समय।
किसानों के लिए राहत, रबी फसलों को फायदा
सीजन की इस पहली मावठ को किसानों के लिए बेहद लाभकारी माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश गेहूं, चना, सरसों जैसी रबी फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। खेतों में नमी बढ़ने से सिंचाई की जरूरत कम होगी और फसलों की बढ़वार बेहतर होगी।
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में तापमान बहुत ज्यादा नहीं गिरता और पाला नहीं पड़ता, तो यह बारिश उत्पादन के लिहाज से फायदेमंद साबित होगी।
आने वाले दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले 24 से 48 घंटों तक बना रह सकता है। इस दौरान कुछ और जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। साथ ही शीतलहर और घने कोहरे का दौर जारी रह सकता है।
लोगों को सलाह दी गई है कि वे ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, सुबह-शाम यात्रा करते समय सावधानी बरतें और कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय धीमी गति रखें।
निष्कर्ष: ठंड, बारिश और कोहरे का मिला-जुला असर
कुल मिलाकर राजस्थान में नए साल की शुरुआत मौसम के बदले हुए तेवरों के साथ हुई है। बारिश, कोहरा और शीतलहर ने जनजीवन को प्रभावित किया है, लेकिन किसानों के लिए यह राहत भरी खबर है। आने वाले दिनों में मौसम पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी, क्योंकि ठंड का यह दौर अभी और लंबा चल सकता है।

