कपास उत्पादक किसानों को बड़ी राहत: एमएसपी पंजीयन की तारीख बढ़ी, अब 16 जनवरी 2026 तक मौका
कपास उत्पादक किसानों को सरकार ने राहत दी है। एमएसपी पर कपास बेचने के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 16 जनवरी 2026 कर दी गई है। किसान कपास किसान एप पर घर बैठे स्वयं पंजीयन कर सकेंगे।
कपास उत्पादक किसानों को बड़ी राहत, अब 16 जनवरी 2026 तक करवा सकेंगे पंजीयन
कपास उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कपास बेचने के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब किसान 16 जनवरी 2026 तक अपना पंजीयन करवा सकेंगे। पहले इसके लिए अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2025 तय की गई थी, लेकिन किसानों की मांग को देखते हुए सरकार ने यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
एमएसपी पर कपास बेचने का बढ़ा अवसर
सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक कपास उत्पादक किसानों को एमएसपी का लाभ मिल सके। कई किसान विभिन्न कारणों से समय पर पंजीयन नहीं कर पाए थे, जिससे वे सरकारी खरीद से वंचित रह जाते। इसी को ध्यान में रखते हुए पंजीयन अवधि को आगे बढ़ाया गया है।
इस संबंध में केंद्रीय कपास निगम (CCI) और संबंधित मंडी समिति अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कपास किसान एप पर घर बैठे सेल्फ रजिस्ट्रेशन
इस अवधि के दौरान किसान कपास किसान एप के माध्यम से घर बैठे स्वयं पंजीयन कर सकेंगे। इससे किसानों को मंडियों और दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और समय व खर्च दोनों की बचत होगी।
हनुमानगढ़ जिला कलेक्टर के अनुसार, भारतीय कपास निगम द्वारा पंजीयन अवधि को औपचारिक रूप से 16 जनवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
किसानों की मांग पर लिया गया निर्णय
कृषि विपणन विभाग के उपनिदेशक विष्णुदत्त शर्मा और भारतीय कपास निगम के वरिष्ठ वाणिज्यिक अधिकारी केवल कृष्ण शर्मा ने बताया कि—
भारतीय किसान संघ, जोधपुर प्रांत द्वारा पूर्व में कपास किसान एप पर सेल्फ रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ाने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया था।
इस ज्ञापन के आधार पर भारतीय कपास निगम के सहायक महाप्रबंधक सचिन वर्मा को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए, जिसके बाद सेल्फ रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ाने के आदेश जारी किए गए।
किसानों को मिलेगा उपज का अधिकतम मूल्य
अधिकारियों का कहना है कि इस निर्णय से किसान अपनी कपास की उपज का अधिकतम मूल्य प्राप्त कर सकेंगे। एमएसपी के तहत बिक्री करने से किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से राहत मिलती है और उन्हें सुनिश्चित दाम मिलते हैं।
भारतीय कपास निगम के वरिष्ठ वाणिज्यिक अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए यथाशीघ्र पंजीयन करवा लें।
बिक्री तिथि के बाद भी केंद्र पर आ सकेंगे किसान
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि भले ही किसान पंजीयन की अंतिम तिथि के बाद भी विक्रय के लिए केंद्र पर आएं, लेकिन पंजीयन समय पर करवाना जरूरी है ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।
पहले भी बढ़ चुकी है पंजीयन की तारीख
कृषि विपणन विभाग के उपनिदेशक विष्णुदत्त शर्मा ने जानकारी दी कि—
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कपास किसान एप पर सेल्फ रजिस्ट्रेशन की प्रारंभिक अंतिम तिथि 30 सितंबर थी
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बाद में इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर 2025 किया गया
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अब जिला कलेक्टर के प्रयासों से इसे और आगे बढ़ाकर 16 जनवरी 2026 कर दिया गया है
इससे वंचित किसानों को एक और अवसर मिल गया है।
हनुमानगढ़ की मंडियों में हुई रिकॉर्ड सरकारी खरीद
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हनुमानगढ़ जिले की मंडियों में कपास की सरकारी खरीद तेजी से जारी है।
▫️ हनुमानगढ़ जंक्शन मंडी
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30 दिसंबर तक 87,596 क्विंटल कपास की सरकारी खरीद
▫️ हनुमानगढ़ टाउन मंडी
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अब तक लगभग 1,25,000 क्विंटल कपास की सरकारी खरीद
अधिकारियों के अनुसार, किसानों को औसतन 7,860 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है।
एमएसपी से किसानों को आर्थिक संबल
सरकारी खरीद से किसानों को न केवल उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है, बल्कि उन्हें बिचौलियों पर निर्भर भी नहीं रहना पड़ रहा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और किसानों की आय में स्थिरता आ रही है।
अधिकारियों का बयान
“कपास उत्पादक किसानों को सरकार ने राहत दी है। अब एमएसपी पर कपास बेचने के इच्छुक किसान 16 जनवरी 2026 तक पंजीयन करवा सकेंगे। इस संबंध में सीसीआई को आदेश जारी कर दिए गए हैं।”
— विष्णुदत्त शर्मा, उप निदेशक, कृषि विपणन विभाग, हनुमानगढ़
निष्कर्ष: किसानों के लिए सुनहरा अवसर
कुल मिलाकर, सरकार का यह निर्णय कपास उत्पादक किसानों के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पंजीयन अवधि बढ़ने से वे किसान भी एमएसपी का लाभ ले सकेंगे जो पहले किसी कारणवश वंचित रह गए थे।
अब किसानों से अपील है कि वे कपास किसान एप पर समय रहते पंजीयन करवा लें और अपनी मेहनत की उपज का पूरा मूल्य प्राप्त करें।

